Sunday, February 1, 2026


हवायें चलें

या बरसें बादल

छटेगी धुंध।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, January 31, 2026


तेरे रूप से

साकार है संसार

गंध जीव में।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, January 30, 2026


जग सौन्दर्य

मन का भी सौन्दर्य

देखा कवि ने।

                 डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, January 29, 2026


अपनी जड़ें

देश हो या विदेश

ना काटो तुम।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, January 28, 2026


बर्फीली हवा

मैदानी इलाकों में

उतर आई ।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग

Tuesday, January 27, 2026


भावुक मन और सिंधु का, एक सरीखा रूप।

जिस पर जितनी तरलता, उतनी उस पर धूप।।

                डॉ. कुँअर बेचैन 

Monday, January 26, 2026

26 जनवरी 2026, 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें


 कर्तव्य-पथ पर बढ़ते रहें कदम हमारे, कभी ना डिगें।

नित नयी लिखती रहें कथायें शौर्य और पराक्रम की।।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग