Saturday, March 21, 2026


भोर चहकी

इठलाई किरन

महकी क्यारी।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, March 20, 2026

 

बदलते मौसम का हाल क्या कहिये,

सेंसेक्स की तरह चढ़ता-उतरता है पारा।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग

Thursday, March 19, 2026


घोंसला एक

तिनके गूँथ-गूँथ

बया ने रचा।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, March 18, 2026


ज्ञान दीप से

उजियारा जग में

हर युग में।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Tuesday, March 17, 2026


पार उतारा

केवट ने राम को

या स्वयं तरा।


            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, March 16, 2026


गेहूँ के खेत
लहलहाती बाली
सोने सी लगी।
            
        डॉ. मंजूश्री गर्ग

 

Sunday, March 15, 2026


पीछे ना हटें

बढ़ें, लक्ष्य की ओर

कदम तेरे।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग