Thursday, January 29, 2026


अपनी जड़ें

देश हो या विदेश

ना काटो तुम।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, January 28, 2026


बर्फीली हवा

मैदानी इलाकों में

उतर आई ।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग

Tuesday, January 27, 2026


भावुक मन और सिंधु का, एक सरीखा रूप।

जिस पर जितनी तरलता, उतनी उस पर धूप।।

                डॉ. कुँअर बेचैन 

Monday, January 26, 2026

26 जनवरी 2026, 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें


 कर्तव्य-पथ पर बढ़ते रहें कदम हमारे, कभी ना डिगें।

नित नयी लिखती रहें कथायें शौर्य और पराक्रम की।।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग

Sunday, January 25, 2026


उम्मीदें जगीं

सपनों की चादर

बुनने लगी।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, January 24, 2026


 खिले कमल

पंक में रहकर

पंक से दूर।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग

Thursday, January 22, 2026


 



शत्-शत् नमन माँ शारदे!

 

शत्-शत् नमन माँ शारदे!

भावाँजलियाँ अर्पित तुम्हें माँ शारदे!

शत्-शत् नमन माँ शारदे!

काव्याँजलियाँ अर्पित तुम्हें माँ शारदे!

वरद हस्त सर पर हमारे!

हमेशा आपका बना रहे माँ शारदे!

                डॉ. मंजूश्री गर्ग


23 जनवरी, 2026 बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनायें