Saturday, June 6, 2026


मोती का आभास है ओस की बूँद।

पर, पल भर को मोती से क्या कम है?

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, June 5, 2026


यौवन की देहरी पे

सजी लाज की कनातें

प्रिय के स्वागत में

मुस्कानों के फूल सजे।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, June 4, 2026


सादा पत्थर

पूजा तुमने, तभी

बना है शिव।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, June 3, 2026


नदियों में बहुत शांत थी, झीलों पे बहुत चुप

सागर की तरंगों में उछलती हुई नावें।

            डॉ. कुँअर बेचैन 

Tuesday, June 2, 2026


डोर ऊपर

कठपुतली सम

नाचते हम।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, June 1, 2026


सुख-छतरी

दुख की बारिश में 

काम ना आई।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, May 31, 2026


रात भोली सी

और अनूठे दिन

बचपन में।

                       डॉ. मंजूश्री गर्ग