Monday, May 18, 2026


बच्चे आँगन

फुलवारी है खिली 

महके मन।

                               डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, May 17, 2026


मन द्वारे पे

खिले खुशी के रंग

सजी रंगोली।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, May 16, 2026


'आम' हैं आप

खास 'आम' हैं पर

'आमों' के बीच।

                   डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, May 15, 2026


भाल पे होंठ किसने रखे

जिंदगी में महावर घुली।

दृष्टि वो बन गई बाँसुरी

देह ये हो चली गोकुली।

                शिवओम अम्बर 

Thursday, May 14, 2026


साँसों में बसा लो खुशबू की तरह

महका  करेंगे  तेरे  आंगन में। 

                डॉ. मंजूश्री गर्ग

Wednesday, May 13, 2026


तुमसे मिल

जिंदगी मीठी हुई

नीम सरीखी।

                            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Tuesday, May 12, 2026


अटल हैं जो

अडिग हैं इरादे

ध्रुव हैं वही।

                        डॉ. मंजूश्री गर्ग