Friday, July 10, 2026


 प्यार-सम्मान

शामिल हों अगर

महकें रिश्ते।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

Thursday, July 9, 2026


उखड़ेंगे ना

दूब से जुड़े हुये

हम धरा सा।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, July 8, 2026


तेरे ध्यान में,

या गुम अपने में।

मालूम नहीं?

                  डॉ. मंजूश्री गर्ग

Tuesday, July 7, 2026


बिहारी जी की

वृन्दावन में राजे

मृदु मुस्कान।

        डॉ. मंजूश्री गर्ग

Monday, July 6, 2026


ज्ञान का दीप

मन में जलाकर

फैलायें ज्ञान।

                       डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, July 5, 2026


सजे द्वार पे

तोरण औ' कलश

'शुभागमन'। 

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

Saturday, July 4, 2026

 

जल ही--------

 

जल ही जीवन

सिंचित उपवन

खिलते फूल।

 

जल ही धार

कटते पत्थर

बनते रेत।

 

जल ही ताप

बनती ऊर्जा

जलते बल्ब।

 

      डॉ. मंजूश्री गर्ग