बातें उसकी
याद अब आती हैं
जब वो नहीं।
डॉ. मंजूश्री गर्ग
छूने आकाश
चल दिये परिंदे
पक्के इरादे।
आम के बाग
सौधीं सी महक औ'
मीठी सी धूप।
मैं चाहूं तो भी मुझको चैन से रहने नहीं देगा।
मेरे भीतर अगर जिंदा कोई फनकार है कोई।।
कमलेश भट्ट 'कमल'
हीरा हो तुम
तराशा है तुमको
प्यार से मैंने।
4 मार्च, 2026 हिन्दू नव वर्ष विक्रमी संवत् 2083 के प्रथम महीने(चैत्र मास) के कृष्ण पक्ष के
प्रथम दिन पर हार्दिक शुभकामनायें