Wednesday, March 25, 2026



शत्-शत् नमन माँ को सदा हम करते हैं
 ज्योति माँ के चरणों में सदा जलती रहे
औ' शंख-ध्वनि सदा गूँजती रहे।
कृपा दृष्टि सदा माँ बनाये रखना,
हमारे मन में ज्ञान ज्योति सदा जलती रहे।
            
                डॉ. मंजूश्री गर्ग


 

Tuesday, March 24, 2026


पिय से मिल 

मन मयूर नाचे

गाये कोयल।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, March 23, 2026


चार दिन की चाँदनी से जिंदगी कटती नहीं,

जिंदगी को चाहिये हर दिन ही नहीं, हर पल उजाला।। 

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

Sunday, March 22, 2026


तुमसे मिल

जिंदगी मीठी हुई

नीम सरीखी।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, March 21, 2026


भोर चहकी

इठलाई किरन

महकी क्यारी।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, March 20, 2026

 

बदलते मौसम का हाल क्या कहिये,

सेंसेक्स की तरह चढ़ता-उतरता है पारा।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग

Thursday, March 19, 2026


घोंसला एक

तिनके गूँथ-गूँथ

बया ने रचा।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग