Thursday, August 20, 2026


 

जब चाहते हैं प्रभु, दर्शन तभी मिलते हैं।

हम में कहाँ सामर्थ्य है, तीर्थ हम कर पायें।।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

  

Wednesday, August 19, 2026


चपलता से

घुटरून चलत

दौड़ते राम।

                      डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Tuesday, August 18, 2026


जलता दिया

मिट्टी का या सोने का

एक समान।

                            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, August 17, 2026


सादा पत्थर

पूजा  तुमने, तभी

बना है 'शिव'।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, August 16, 2026


सागर बसी 

मचलती नदियाँ 

करती शोर।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, August 15, 2026


राधा के संग

झूला झूलें हैं कान्हा

गायें मल्हार।

                 डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, August 14, 2026

 


हरियाली तीज की हार्दिक शुभकामनायें

रिमझिम-रिमझिम बूँदें सरसा रही मन को।

सखियों संग झूलों की पेंगे छूने चली गगन को।

        डॉ. मंजूश्री गर्ग