Sunday, May 31, 2026


रात भोली सी

और अनूठे दिन

बचपन में।

                       डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, May 30, 2026


नई आशायें

अंकुरित हैं बीज

नये युग के।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, May 29, 2026


बालक मन

जैसे सजाओ सजे

कच्चे घड़े सा।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, May 28, 2026


उखड़ेंगे ना

दूब से जुड़े हुये

हम धरा से।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, May 27, 2026


चमकेगी ही

 विरोधों  में प्रतिभा

जैसे दीपक।

                        डॉ. मंजूश्री गर्ग

Tuesday, May 26, 2026


'चाहत' की नई किताब लिखेंगे।

तुम मिलो या ना मिलो 'आस' रखेंगे।।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग

 

Monday, May 25, 2026


नन्हें कदम

थाम के हाथ माँ का

बढ़ने लगे।

                         डॉ. मंजूश्री गर्ग