Sunday, August 30, 2026


किसने रंग

आकाश में उँड़ेले

रंगे बादल।

                          डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, August 29, 2026


नई आशायें

अंकुरित हैं बीज

नये युग के।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, August 28, 2026


भीगी हवा में

बरसती बूँदों में

भीगा है मन।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, August 27, 2026


बरसे घन

या बरसे सावन

सरसे धरा।

                       डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, August 26, 2026


खुशी के पल 

धूप खिली आँगन

छँटा कोहरा।

               डॉ. मंजूश्री गर्ग

Tuesday, August 25, 2026

 

सुबह होते

चंद्र हुआ श्रीहीन

छिपे हैं तारे।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

Monday, August 24, 2026


ईर्ष्या से नहीं,

प्रतिस्पर्धा  से ही तो,

जीतोगे तुम।

                      डॉ. मंजूश्री गर्ग