Monday, April 6, 2026


जलता दिया

मिट्टी का या सोने का

एक समान।

                        डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, April 5, 2026


लाल माणिक

सूर्य ग्रह सा तेज

नवरत्न में।

                                  डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, April 4, 2026


छेड़ा जो जल

अनगिन लहरें

नदी में बनी।

                      डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, April 3, 2026


मन द्वारे पे

खिले खुशी के रंग

सजी रंगोली।

                       डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, April 2, 2026


जय श्री राम

राम-सेतु बनाया

नल-नील ने।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, April 1, 2026


दो घड़ी ठहर कर

जीवन की नदी को

बहते देखना है

कविता वहीं कहीं है।

             प्रसून जोशी 

Tuesday, March 31, 2026


सिंहासन पे

राम की पादुकायें

राम वन में।

                     डॉ. मंजूश्री गर्ग