Wednesday, June 24, 2026


हर पड़ाव

देते हमें विश्राम

राह में बने।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Tuesday, June 23, 2026


बेटी सँवारे 

दोनों कुल कूल से

बन के नदी।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, June 22, 2026


जब समय तुम्हारा है, हर कोई सुनता है।

वरना किस के पास समय है किसी के दर्द सुनने का।।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, June 21, 2026


महकी क्यारी

काँटों के बीच रह

मुस्काये फूल।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, June 20, 2026



काफल

डॉ. मंजूश्री गर्ग

काफल का वैज्ञानिक नाम Myrica esculata है। काफल का पेड़ सदाबहार जंगली पेड़ है। काफल के फल गर्मियों के मौसम में पर्वतीय स्थनों में आते हैं और वहाँ बहुत लोकप्रिय हैं। काफल के पेड़ भारत या नेपाल के पर्वतीय क्षेत्रों में या हिमालय के तराई वाले इलाकों में पाये जाते हैं। काफल के पेड़ एक बड़े वृक्ष या झाड़ी के रूप में मिलते हैं। फलों का आकार बहुत ही छोटा, गोल व दानेदार होता है लगभग 1 से.मी. व्यास से भी कम। रंग हल्का मैरून या जामुनी रंग का मिला-जुला होता है। काफल के फल खाने में खट्टे-मीठे बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं व तासीर ठंड़ी होती है। 

Friday, June 19, 2026

 

खिरनी या Mimosops Hexandra

डॉ. मंजूश्री गर्ग

खिरनी का फल देखने में लगभग नीम की निवोली के जैसा होता है लेकिन खाने में बहुत ही स्वादिष्ट व मीठा होता है। खिरनी के पेड़ उत्तर भारत में अपने आप उग जाते हैं। इसका पेड़ बहुत ही घना व ऊँचा होता है। ऊँचाई लगभग 40-50 फुट तक होती है। खिरनी के पेड़ की आयु भी बहुत अधिक होती है। इस पेड़ की लकड़ी बहुत मजबूत होती है और इसकी छाल औषधि के रूप में काम आती है। खिरनी का फल गर्मियों के मौसम में आता है। खिरनी का फल नीम की निवोली से थोड़ा लम्बा व चटक पीले रंग का होता है।


Thursday, June 18, 2026


बिन कहे ही जान ली, तुमने मेरे  मन की बात।

मनमीत तुम्हीं हो, हो प्रीतम तुम्हीं मेरे।।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग