Tuesday, July 7, 2026


बिहारी जी की

वृन्दावन में राजे

मृदु मुस्कान।

        डॉ. मंजूश्री गर्ग

Monday, July 6, 2026


ज्ञान का दीप

मन में जलाकर

फैलायें ज्ञान।

                       डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, July 5, 2026


सजे द्वार पे

तोरण औ' कलश

'शुभागमन'। 

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

Saturday, July 4, 2026

 

जल ही--------

 

जल ही जीवन

सिंचित उपवन

खिलते फूल।

 

जल ही धार

कटते पत्थर

बनते रेत।

 

जल ही ताप

बनती ऊर्जा

जलते बल्ब।

 

      डॉ. मंजूश्री गर्ग


Friday, July 3, 2026


देव, मानव

अपनी सीमाओं में

बँधे दोनों ही।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, July 2, 2026


नई आशायें

अंकुरित हैं बीज

नये युग के।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, July 1, 2026


आओ कान्हा!

मन धीर ना धरे

तुम्हारे बिन।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग