Monday, November 2, 2026


आओ कान्हा!

मन धीर ना धरे

तुम्हारे बिन।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

 

Sunday, November 1, 2026


घर कंदील

बच्चे बने हैं दीप

रोशन जग।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, October 31, 2026


जुड़ी है आशा

चाह फिर मन में

लेती हिलोरें।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, October 30, 2026


उतरेगी ही

कलई कितनी हो

खुलेगी पोल।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, October 29, 2026


करवा चौथ

चाँद के साथ देखा

अपना चाँद।

                   डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, October 28, 2026


यहाँ वहाँ क्या! 

फूल खिले कहीं भी

देंगे सुगंध।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

Tuesday, October 27, 2026

 

मधुर तान

सुनाये बाँसुरिया

अधर बसी।

                         डॉ. मंजूश्री गर्ग