लोकाट(फल)
लोकाट(Loquat) रोजेसी(Rosaceac) कुल का
फल है। यह आम, आलू बुखारा, चेरी, आदि की तरह ड्रूप फल है। लोकाट का रंग नारंगी या
पीला होता है और आकार नाशपाती जैसा होता है लेकिन छोटा होता है। इसके ऊपर पतला
छिलका होता है, अंदर नारंगी रंग का ही गूदा होता है और केंद्र में एक या एक से
अधिक कठोर बीज होते हैं। कभी-कभी एक ही लोकाट में 5 से 6 बीज तक पाये जाते हैं।
लोकाट का गूदा रसीला होता है व स्वाद खट्टा-मीठा होता है। लोकाट के फल पेड़ पर गुच्छों
के रूप में लगते हैं। भारत में लोकाट मार्च-अप्रैल के महीने में आती हैं।
लोकाट का पेड़ मूल रूप से चीन देश का है। लगभग
1000 वर्षों से अधिक समय से चीन में इसकी खेती की जा रही है। जापान में भी 1000 वर्षों
से इसकी खेती की जा रही है। जापान में इसे जापानी प्लम कहते हैं और चीन में चीनी
प्लम। लोकाट का पेड़ सदाबहार होता है। पेड़ की लंबाई प्रायः 5 से 10 मी. तक होती
है। पत्तियाँ सरल 4 से 10 इंच लंबी गहरे हरे रंग की होती हैं। क्षेत्र विशेष के
मौसम के अनुसार पतझड़ के मौसम में फूल आने शुरू होते हैं। फूल 2 से.मी. व्यास के सफेद
पाँच पँखुड़ियों वाले होते हैं और तीन से दस फूलों के गुच्छों में लगते हैं, इनमें
मीठी व मादक सुगंध होती है।
आजकल लोकाट की खेती भारत, चीन, जापान के अतिरिक्त
अन्य देशों में भी की की रही है जैसे-जार्जिया, आस्ट्रेलिया, अमेरिका, पाकिस्तान,
न्यूजीलैंड, आदि।