Monday, May 4, 2026


ता उम्र बँधे

कच्चे धागे की डोर

कितनी दृढ़!

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, May 3, 2026


कंकड़ ने बनाये, अनगिन वृत्त।

मन मेरा, पानी सा तरल।।

                     डॉ. मंजूश्री गर्ग

 

 

 

 

 

  

Saturday, May 2, 2026


गंगा, यमुना

औ' सरस्वती मिलें

संगम तीर्थ।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, May 1, 2026


रात भोली सी

और अनूठे दिन

बचपन में।

                      डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, April 30, 2026

 

किसने रंग

आकाश में उँडेले

रंगे बादल।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग

Wednesday, April 29, 2026


तेरे नयना

आईना बने मेरे

रूप निहारूँ।

                     डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Tuesday, April 28, 2026


अनसुनी की

दस्तक देते रहे

फिर भी हम।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग