Tuesday, July 14, 2026


नयनों से नयनों तक अविरल

बहती रहे दर्श की धारा

सुर्ख हथेली पर उंगली  से

लिखते रहना नाम तुम्हारा।


बारम्बार इस तरह तुमको

लिखने में कुछ बात और है।

            कृष्ण शलभ

Monday, July 13, 2026


अँधेरी रात

कठिन डगर है

सम्बल तेरा।

                       डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, July 12, 2026


चलो तो सही

 पगडंडी खुद ही 

जायेगी बन।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

Saturday, July 11, 2026


सत्य पे टिका

दोलायमान धर्म

डिगता नहीं।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, July 10, 2026


 प्यार-सम्मान

शामिल हों अगर

महकें रिश्ते।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

Thursday, July 9, 2026


उखड़ेंगे ना

दूब से जुड़े हुये

हम धरा सा।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, July 8, 2026


तेरे ध्यान में,

या गुम अपने में।

मालूम नहीं?

                  डॉ. मंजूश्री गर्ग