Saturday, September 12, 2026


सूरज ढ़ले

सजीले रंग सजे

आकाश तले।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

Friday, September 11, 2026


आतंक मिटे

हर दिल धड़के

'द्रोह के लिये।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, September 10, 2026


मैं जुगनू हूँ अपनी ही रोशनी से जगमगाता हूँ।

उधारी रोशनी नहीं ली सूरज से तारों की तरह।।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, September 9, 2026


जुड़ी है आशा

चाह फिर मन में 

लेती हिलोरें।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Tuesday, September 8, 2026


खिले कमल 

पंक में रहकर

पंक से दूर।

                 डॉ. मंजूश्री गर्ग

Monday, September 7, 2026


सावन ऋतु

मनमीत मिले तो

सरसे मन।

                         डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, September 6, 2026


 

प्यार की ज्योत से आलोकित है अंर्तमन।

बहती हैं ज्ञान की नित नयी निर्मल धारायें।।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग