Sunday, July 19, 2026


खुशी के पल

धूप खिली आँगन

छँटा कोहरा।

                       डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, July 18, 2026


बनोगे संत

अहंकार अपना

तोड़ो तो सही.

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, July 17, 2026

आज की बातें

बीते युग की बातें

होनी हैं कल।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, July 16, 2026


सरसे धरा

बूँद-बूँद बरसे

सारा ही दिन।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, July 15, 2026


अधर द्वार

दीप राम नाम का

रोशन मन।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग


 

Tuesday, July 14, 2026


नयनों से नयनों तक अविरल

बहती रहे दर्श की धारा

सुर्ख हथेली पर उंगली  से

लिखते रहना नाम तुम्हारा।


बारम्बार इस तरह तुमको

लिखने में कुछ बात और है।

            कृष्ण शलभ

Monday, July 13, 2026


अँधेरी रात

कठिन डगर है

सम्बल तेरा।

                       डॉ. मंजूश्री गर्ग