Wednesday, April 15, 2026


सागर भेजे

मेघ लाये संदेशे

नदी के लिये।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Tuesday, April 14, 2026

सुहाने पल

अतिथि बन आये

सदा दो पल।

                   डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, April 13, 2026


चाह नहीं मैं बूँद सी सीपी में गिरूँ औ मोती बन जाऊँ.

चाह बूँद सी सागर में गिरूँ औ उसी में समा जाऊँ।

 

                     डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, April 12, 2026


ख्बाबों में बसा

आयेगा एक दिन

आँगन मेरे।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, April 11, 2026



तांडव नृत्य

नटराज रूप में

शिव ने किया।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, April 10, 2026


जाम से नहीं

नयनों से पीकर

बहके हम।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, April 9, 2026


चिड़ियाँ जागीं

चहकी डाली सारी

हुआ सबेरा।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग