श्री गौरी पुत्र
मयूर वाहन पे
कार्तिकेय जी।
डॉ. मंजूश्री गर्ग
गंगा मैय्या को शत्-शत् नमन
बैशाख मास
शुक्ल पक्ष सप्तमी
गंगा जयंती।
कड़ी धूप में
शरबती मुस्कान
देती ताजगी।
राधा ही नहीं
रूप, रस, माधुरी
कान्हा के साथ।
छोटा सा दिल
मासूम धड़कन
थामे जिंदगी।
भावों की नावें
बहती आर-पार
सहज रिश्ते।
अंश हो तुम
काँटा भी चुभे तुम्हें
होती चुभन।