सागर बसी
मचलती नदियाँ
करती शोर।
डॉ. मंजूश्री गर्ग
राधा के संग
झूला झूलें हैं कान्हा
गायें मल्हार।
हरियाली तीज की हार्दिक शुभकामनायें
रिमझिम-रिमझिम बूँदें सरसा रही मन को।
सखियों संग झूलों की पेंगे छूने चली गगन को।
15 अगस्त 2026 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
नयन मिले
प्रीत पले दोनों में
मन मुस्काये।
मन-आँगन
सजी हैं कल्पनायें
जैसे अल्पना।
धरा पे नहीं
कदम आज मेरे
फूली खुशी से।