Tuesday, March 31, 2026


सिंहासन पे

राम की पादुकायें

राम वन में।

                     डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, March 30, 2026


प्यार की ज्योत से आलोकित है अंतर्मन,

बहती हैं ज्ञान की नित नयी निर्मल धारायें।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, March 29, 2026


छूटी लगाम

दौड़े मन के घोड़े

टूटा संयम।

                  डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, March 28, 2026


धागे में पिरे

माला बन गये ये

मोती निराले।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, March 27, 2026


मित्र वो सच्चा

आईना बनकर

साथ निभाता।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 


 
27 मार्च, 2026 रामनवमी की हार्दिक शुभकामनायें

Wednesday, March 25, 2026



शत्-शत् नमन माँ को सदा हम करते हैं
 ज्योति माँ के चरणों में सदा जलती रहे
औ' शंख-ध्वनि सदा गूँजती रहे।
कृपा दृष्टि सदा माँ बनाये रखना,
हमारे मन में ज्ञान ज्योति सदा जलती रहे।
            
                डॉ. मंजूश्री गर्ग


 

Tuesday, March 24, 2026


पिय से मिल 

मन मयूर नाचे

गाये कोयल।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, March 23, 2026


चार दिन की चाँदनी से जिंदगी कटती नहीं,

जिंदगी को चाहिये हर दिन ही नहीं, हर पल उजाला।। 

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

Sunday, March 22, 2026


तुमसे मिल

जिंदगी मीठी हुई

नीम सरीखी।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, March 21, 2026


भोर चहकी

इठलाई किरन

महकी क्यारी।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, March 20, 2026

 

बदलते मौसम का हाल क्या कहिये,

सेंसेक्स की तरह चढ़ता-उतरता है पारा।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग

Thursday, March 19, 2026


घोंसला एक

तिनके गूँथ-गूँथ

बया ने रचा।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, March 18, 2026


ज्ञान दीप से

उजियारा जग में

हर युग में।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Tuesday, March 17, 2026


पार उतारा

केवट ने राम को

या स्वयं तरा।


            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, March 16, 2026


गेहूँ के खेत
लहलहाती बाली
सोने सी लगी।
            
        डॉ. मंजूश्री गर्ग

 

Sunday, March 15, 2026


पीछे ना हटें

बढ़ें, लक्ष्य की ओर

कदम तेरे।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, March 14, 2026


कान्हा की छवि

सिर मोर-मुकुट

कर बाँसुरी।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, March 13, 2026


राधा ही नहीं

रूप, रस, माधुरी

कान्हा के साथ।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, March 12, 2026


बंद मुठ्ठी में 

अनगिन सपने

लेकर आये।

                         डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, March 11, 2026


अरूणिम सुबह हो तुम, सुरमई शाम हो तुम

                           कड़ी धूप में छाँव हो तुम

                                प्रिये! मनमीत हो तुम।


जिंदगी तुमसे शुरू, पूरी होगी तुमसे ही

                        जीवन आधार हो तुम

                              प्रिये! मनमीत हो तुम।

                                            डॉ. मंजूश्री गर्ग

 

Tuesday, March 10, 2026


अंक एक है

शून्य जितने मिले

बढ़ता मान.

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, March 9, 2026


बातें उसकी

याद अब आती हैं

जब वो नहीं।

                        डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, March 8, 2026


छूने आकाश

चल दिये परिंदे

पक्के इरादे।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Saturday, March 7, 2026


आम के बाग

सौधीं सी महक औ'

मीठी सी धूप। 

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

Friday, March 6, 2026


मैं चाहूं तो भी मुझको चैन से रहने नहीं देगा।

मेरे भीतर अगर जिंदा कोई फनकार है कोई।।

                कमलेश भट्ट 'कमल' 

Thursday, March 5, 2026


हीरा हो तुम

तराशा है तुमको

प्यार से मैंने।

                डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, March 4, 2026


4 मार्च, 2026 हिन्दू नव वर्ष विक्रमी संवत् 2083 के प्रथम महीने(चैत्र मास) के कृष्ण पक्ष के 

प्रथम  दिन पर हार्दिक शुभकामनायें


Tuesday, March 3, 2026

 


बिन बादल
इंद्रधनुष बने
होली के दिन।
                डॉ. मंजूश्री गर्ग


Monday, March 2, 2026


होली पर्व की हार्दिक शुभकामनायें 

फागुन मास

होली का त्यौहार

रंग-रंगीला।

1.


टेसू के रंग

गुझियों की मिठास।

होली के संग।

2.

        डॉ. मंजूश्री गर्ग

Sunday, March 1, 2026


चंदन हम

कोटोगे तो भी हम

देंगे सुगंध।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग