हिन्दी साहित्य
Wednesday, March 25, 2026
शत्-शत् नमन माँ को सदा हम करते हैं
ज्योति माँ के चरणों में सदा जलती रहे
औ' शंख-ध्वनि सदा गूँजती रहे।
कृपा दृष्टि सदा माँ बनाये रखना,
हमारे मन में ज्ञान ज्योति सदा जलती रहे।
डॉ. मंजूश्री गर्ग
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