दो पल जिंदगी जिये हम,
एक पल तुमसे मिलने का,
एक पल तुमसे जुदाई का।
दो उपहार मिले जीवन में,
एक उपहार मुस्कान का,
और एक मिला आँसू का।
डॉ. मंजूश्री गर्ग
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