जल ही--------
जल ही जीवन
सिंचित उपवन
खिलते फूल।
जल ही धार
कटते पत्थर
बनते रेत।
जल ही ताप
बनती ऊर्जा
जलते बल्ब।
डॉ. मंजूश्री गर्ग
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