Wednesday, April 27, 2022



मैं जुगनू हूँ अपनी ही रोशनी से जगमगाता हूँ।

उधारी रोशनी नहीं ली सूरज से तारों की तरह।।


             डॉ. मंजूश्री गर्ग

  

Saturday, April 16, 2022



दूर रहने से ना नजदीकियाँ कम होंगी।

आप बढ़ाये दूरियाँ नजदीकियाँ बढ़ जायेंगी।।


                                 डॉ. मंजूश्री गर्ग

Thursday, April 14, 2022


मंजिल पानी है गर

अवरोधों से डरना कैसा!

कौन है? जिसने ताप सहा नहीं

सूरज जैसा चमका जो भी।।


        डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Tuesday, April 12, 2022



जीवन में जब तुम आये।

मन द्वारे पे सजी रंगोली।।

               डॉ. मंजूश्री गर्ग


 

  

Saturday, April 9, 2022


10 अप्रैल, 2022, राम जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें



मृदु मुस्कान मुख पे,

धनुष-बाण हाथ में,

बाल-छवि राम की,

सोहे दशरथ के आँगन।


         डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, April 8, 2022


 जमीं पर नहीं पड़ते हैं कदम हमारे,

अरमानों को पंख लगे हैं आज।

आकाश को छू लेंगे एक दिन हम,

चाहतों में नया रंग भरा है आज।।


               डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, April 4, 2022



कागज कलम ने मन के भावों को चुरा लिया।

कब शब्दों में व्यक्त हो गये पता ही ना चला।।

 

               डॉ. मंजूश्री गर्ग