Monday, February 14, 2022


हो आदि शक्ति तुम ही

 

निराकार हो या साकार तुम,

हो आदि शक्ति तुम ही।

नदियाँ इठलाती चलतीं,

फलती-फूलती प्रकृति तुम से ही।

गृह-नक्षत्र रहते घूमते,

चाँद चाँदनी बरसाता तुम से ही।

लीन प्रलय में होकर एक दिन,

नव जीवन सब पाते तुम से ही। 


                      डॉ. मंजूश्री गर्ग

Friday, February 11, 2022


बाल मुकुन्द जी(1865-1907) के शब्दों में संसार की भाषाओं में हिन्दी भाषा का स्थान-

 

अंग्रेज इस समय अंग्रेजी को संसार-व्यापी भाषा बना रहे हैं और सचमुच यह सारी पृथिवी की भाषा बनती जाती है. वह बने, उसकी बराबरी करने का हमारा मकदूर(सामर्थ्य़) नहीं है, पर तो भी यदि हिन्दी को भारतवासी सारे भारत की भाषा बना सके तो अंग्रेजी के बाद दूसरा दर्जा पृथिवी पर इसी भाषा का होगा।

 

Thursday, February 10, 2022



गुलाब 'गर दिया नहीं तो क्या?

बात दिल की कही नहीं तो क्या?

जब बिन कहे ही जान ली, मन ने मन की बात

चाहतें फिर उम्र-भर, होती नहीं हैं कम।

 

               डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Tuesday, February 8, 2022



बसंत ऋतु का वर्णन


बरन-बरन तरू फूले उपवन का,

सोई चतुरंग संग दल लहियतु।

बंदी जिमि बोलत विरद वीर कोकिल हैं,

गुंजत मधुप गान गुन गहियतु है।

आवे आस-पास पुहुपन की सुवास सोई,

सोने के सुगंध माझ सने रहियतु है।

सोभा को समाज सेनापति सुख साज आजु,

आवत बसंत रितुराज कहियतु है।

                                 सेनापति

 

 



शिशिर ऋतु का वर्णन


सिसिर में ससि को सरूप वाले सविताउ,

घाम हू में चांदनी की दुति दमकति है।

सेनापति होत सीतलता है सहज गुनी,

रजनी की झाँई वासर में झलकति है।

 

                           सेनापति 

Sunday, February 6, 2022


दीपित है चाँद सूरज की रोशनी से

मोहित हैं हम चाँद की चाँदनी पे।।

 

               डॉ. मंजूश्री गर्ग

  

Friday, February 4, 2022




शत्-शत् नमन माँ शारदे!

 

शत्-शत् नमन माँ शारदे!

भावाँजलियाँ अर्पित तुम्हें माँ शारदे!

शत्-शत् नमन माँ शारदे!

काव्याँजलियाँ अर्पित तुम्हें माँ शारदे!

वरद हस्त सर पर हमारे!

हमेशा आपका बना रहे माँ शारदे!

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5 फरवरी, 2022 बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनायें