Saturday, October 7, 2023


दो पल बस

सौ बरस नहीं जी

जिये हैं हम।


               डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, October 6, 2023


नन्हीं सी आस

समेटे है भीतर

बड़ा सपना।


                डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Thursday, October 5, 2023


पंक में रह

कमल सा खिलना

जग का सार।


            डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Wednesday, October 4, 2023


प्रेम के पल

लालिमा कपोलों की

बनी प्रहरी।


                   डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Tuesday, October 3, 2023


जुड़ी है आशा

चाह फिर मन में

लेती हिलोरें।


                   डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Monday, October 2, 2023


तुम रूठे तो

सरगम की धुन

रूठी हमसे।


                      डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, October 1, 2023


वंशावली में

माता-पिता शामिल

सदा रहेंगे।


            डॉ. मंजूश्री गर्ग