कब से खड़ी है राधा तुम्हारी
एक बार आ जाओ प्रिये!
एक पल के लिये ही सही
नजर भर देख लूँ तुम्हें फिर।
डॉ. मंजूश्री गर्ग
कभी चाँद बन मुस्कुराना,
कभी सूरज सा साध निभाना।
कभी बन तारे जगमगाना,
कभी बन खुशबू महक जाना।
यूँ ही बस साथ-साथ रहना,
हर पल जीवन में साथ निभाना।
17 अप्रैल, 2024 दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहुर्त में अयोध्या धाम राम मन्दिर में श्री राम का सूर्य तिलक
सूर्यवंशी राम का अभिषेक आज सूर्य किरणों से।
श्राप भी वरदान बन गया, दशरथ-कौसल्या को राम से सुत मिले।
और हम सब को राम-नाम, जीने का आधार मिला।।
आया बुरा समय
तो किनारा
सबने कर लिया।
आते ही सुहाना समय
दूर के रिश्तों ने भी
पहचान बना ली।