Monday, November 29, 2021


महान उपलब्धियाँ कभी भी आसानी से नहीं मिलती,

और आसानी से मिली उपलब्धियाँ महान नहीं होतीं।


                           लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक 

Saturday, November 27, 2021



ताँबा बिना ना सोना गढ़ता।

फिर भी ताँबा ताँबा ही रहता।।

 

            डॉ. मंजूश्री गर्ग 



    रात गुम है,

  गम के अँधेरे में।

  उसे मालूम ही नहीं,

  कितने सितारे जड़े हैं,

  उसके आँचल में।

 

        डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, November 26, 2021


सोच में हूँ कि सोच के प्रकरण में 

किस तरह कुछ कहा जाये

कि सबका ध्यान उनकी ओर हो

जिनका ध्यान सब की ओर है।


                             कुँवर नारायण 

Wednesday, November 24, 2021



कृष्ण द्वारका बसें, 

मन राधा के संग।

राम अवध में बसें,

 मन सीता के संग।

तन कहीं, मन कहीं और है

कैसे जीवन समरस हो।।


                             डॉ. मंजूश्री गर्ग

Monday, November 22, 2021


पुरस्कार हों

सम्मानित हमसे

तभी है यश।


              डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Sunday, November 14, 2021


छ़ेड़ने का तो मजा  तब है कहो और सुनो

बात में तुम तो खफा हो गये, लो और सुनो।


                 इंशा अल्ला खाँ