Wednesday, April 5, 2023


6 अप्रैल, 2023 चैत्र शुक्ल पूर्णिमा, हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनायें



Tuesday, April 4, 2023


.01%  की असफलता ही हमें कड़ी मेहनत के लिये प्रेरित करती है,

कहती है धीरे से मुस्कुराकर मंजिल पास ही है।


            डॉ. मंजूश्री गर्ग



Monday, April 3, 2023


आधा चंद्रमा सा प्यार है अपना।

दिन-प्रतिदिन बढ़ेगी रोशनी और।

             डॉ. मंजूश्री गर्ग

  

Sunday, April 2, 2023


तन के गहने

हैं अनगिन।

मन का सिंगार

तुम हो प्रियतम।। 


              डॉ. मंजूश्री गर्ग

Saturday, April 1, 2023


ना सर्द हवायें हैं ना गरम,

फूल भी खिलें हैं अनगिन।

फिर भी न जाने क्यों?

उदास है मन।


               डॉ. मंजूश्री गर्ग 



        डायनासोर

 

डायनासोर से

कंक्रीट के जंगल

धीरे-धीरे खाने लगे

नदी से रेत

पर्वत से पत्थर

वन से लकड़ी

खानों से लोहा।

 

धीरे-धीरे धरती पे

बढ़ने लगा प्रकृति का कोप

आने लगीं बाढ़ें

होने लगे झंझावात

भूकंप, सुनामी

रोज की सी बातें।


           डॉ. मंजूश्री गर्ग 

Friday, March 31, 2023


 तुम्हारी बोली में है शहद की मिठास।

पास बैठो जरा महकेंगे बेला, गुलाब।।


             डॉ. मंजूश्री गर्ग