फालसा
फालसा को अंग्रेजी में इंडियन शरबत बेरी(Indian Sherbet Berry) या फालसा बेरी(Phalsa Berry) कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Grewia asiatica है। फालसा दक्षिणी एशिया
में भारत, पाकिस्तान, कंबोडिया में गर्मी के मौसम में बहुत अधिक मात्रा में पाया
जाता है।
फालसा फल की झाड़ियाँ होती हैं जो 8 मी. तक की
हो सकती हैं। इसकी पत्तियाँ 5-12 सें. मी. तक लंबी होती हैं और इसके फूल और फल गुच्छों
में लगते हैं। जिनमें एक-एक फूल 2 सें. मी. व्यास का होता है और इसमें 12 मि. मी.
की पाँच पंखुरियाँ होती हैं। इन फूलों से 5 से 12 मि.मी. व्यास के फल बनते हैं जो
फालसा कहलाते हैं। इनका रंग जामुनी, मैरून का मिला-जुलासा फालसई रंग होता है
इन्हीं के कारण रंगों की दुनिया में फालसई रंग वर्णित हुआ है जैसे बादामी रंग
बादाम के बाहरी कठोर छिलके के रंग के कारण कहा जाता है। फालसे खट्टे-मीठे बहुत ही
स्वादिष्ट व गुणकारी होते हैं। फालसे का शरबत भी बनाया जाता है, जिसकी तासीर बहुत
ठंडी होती है। गर्मियों के मौसम में फालसे का सेवन बहुत लाभप्रद होता हैं।

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