Tuesday, December 30, 2025


जीतने के लिये ही नहीं, हारने के लिये भी साथी चाहिये।

औ' ऐसा साथी जिससे हारने पर भी आनन्द का अनुभव हो।।

                    डॉ. मंजूश्री गर्ग 

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