Thursday, July 30, 2026



बम-बम भोले के जय घोष से गूँज रहा है आकाश।

भर-भर काँवर गंगा जल से चल दिये हैं काँवड़िये।।

            डॉ. मंजूश्री गर्ग

 

 

 

  

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