Thursday, October 8, 2026


भजन

डॉ. मंजूश्री गर्ग

 

बीच भँवर में नाव फँसी है

अब तो पार लगा दो प्रभु।

 

पूजा की विधि जानूँ ना

जानूँ बस एक तेरा नाम मैं।

मन का संयम टूटे ना

आस निरास में बदले ना

अब तो पार लगा दो प्रभु।

 

भूल गये क्या मुझको भगवन्

कैसे तुम्हें पुकारूँ मैं।

विनती करते हारी मैं

अब तो सुध ले लो प्रभु मेरी

अब तो पार लगा दो प्रभु।

 

पग-पग पर अपराध हुये

हाथ जोड़ मैं विनती करती

सब अपराध क्षमा करो तुम

भाग्य रेख को तुम बदल दो

अब तो पार लगा दो प्रभु।

 

 

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