Saturday, October 4, 2025

 

क्यों किसी की राह के रोड़े बने हम,

बन सकें तो मील के पत्थर बनें हम।

किसी को पर हम दे नहीं सकते

दे सकें तो होसलों की उड़ान दे हम।

 

        डॉ. मंजूश्री गर्ग

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